कोरोना से बचाव के लिए अब सतर्कता डोज भी लगाई जा रही है। सरकारी अस्पतालों में यह डोज निश्शुल्क लगने के बाद भी लोग आगे नहीं आ रहे। तीन लाख से अधिक लाभार्थी सतर्कता डोज से वंचित हैं। यही नहीं, सात लाख से अधिक को दूसरी डोज भी नहीं लगी है। परेशान होकर स्वास्थ्य विभाग ने लाभार्थियों के मोबाइल नंबर काल करके उन्हें केंद्रों पर बुलाना शुरू कर दिया है। ग्रामों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान व कोटेदारों की भी मदद ली जाएगी।जिले में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। अब तक 52.56 लाख टीके अब तक लग चुके हैं। 30.40 लाख को पहली डोज लग चुकी है। 21.81 लाख ने दूसरी व 34 हजार से अधिक ने सतर्कता डोज लगवा ली है। इनमें सात लाख ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्हें दूसरी डोज व 3.76 लाख को सतर्कता डोज (केवल 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग, स्वास्थ्य एंव फ्रंटलाइन वर्कर) लगनी है। कई माह बीतने के बाद भी लाभार्थी दूसरी व सतर्कता डोज लगवाने नहीं पहुंच रहे। जबकि, कोविन पोर्टल से इन लोगों के बाद दूसरी व सतर्कता डोज के लिए चार से पांच बार एसएमएस भी पहुंच रहे हैं। ज्यादातर लोग मोबाइल एसमएस की अनदेखी कर रहे हैं।




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